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Physical Geography (प्राकृतिक भूगोल)

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Geomorphology- Origins and Evolution of the earth’s crust, Physical conditions of the Earth’s interior, Earth’s Magnetism Seismic waves and Earth’s Interior, Factors controlling land for development. Endogenetic and exogenetic Forces., Continental Drift Theory, Polar Wandering, Geomagnetism, Paleo magnetism, Geomagnetic Reversal, Sea floor spreading, Plate Tectonic & Mountain Building, ISO-Seismic studies, Plate Tectonics & Earthquake, Plate Tectonics & volcanism, Isostacy: Def, Theories, Modern views, PT & isostacy, Principle ecology; Human ecological adaptations, Influence of man on ecology and environment, Geosynclines: Concept, Classification, Theories, PT & Geosynclines; Landscape development: Cyclic & Cyclics views. Geomorphic cycle: Davis & Penck, Slope development (L.C. King, Strahler & J.T. Hack.), Denudational Chronology: (Hutton, lyoll, J. T. Hack, Strahler), Erosional Surface, Channel Morphology. Applied geomorphology & Environment,

1.

भूआकृति विज्ञानपृथ्वी की उत्पत्ति एवं विकास, पृथ्वी की आंतरिक भौतिक दशाएं, भू—चुंबकत्व के मूल सिद्धांत, भू—आकृति के विकास को नियंत्रित करने वाले कारक, अंतर्जात एवं बर्हिजात बल, महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत, धु्रवीय व्युत्क्रमण या विस्थापन सिद्धांत, सागर नितल प्रसरण, भूचुम्बकत्व, पुरा चुम्बकत्व, प्लेट विवर्तनिक एवं पर्वत निर्माण के संबंध में अभिनव विचार, प्लेट विवर्तनिक ःभूकम्प एवं भूकम्पीय तरंगें तथा ज्वालामुखीयता, समस्थिति की  परिभाषा, सिद्धांत एवं आधुनिक विचार, प्लेट विवर्तनिक एवं समस्थितिकी, भू—आकृतिक विकास एवं भू—आकृतिक चक्र की संकल्पना द्वारा डेविस एवं पेंक, ढाल या प्रवणता विकास (एल.सी.किंग, स्ट्रालर एवं हैक), आनाच्छादन कालानुक्रम (हटन, ल्वायल, हैक, स्ट्रालर), अपरदन पृष्ट, जलमार्ग आकृति विज्ञान, अनुप्रयुक्त भू—आकृति विज्ञान एवं पर्यावरण।

Salient Features of Physical Geography (भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएं)

·         This section is Extremly important for prelims as well as mains point of view Physical Geography include Geomorphology, Climatology, Oceanography, Bio-Geography and Environment and Ecology.

·         प्रारम्भिक एवं मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से इस खण्ड का सर्वाधिक महत्व है। भौतिक भूगोल के अंतर्गत भू—आकृति विज्ञान, जलवायु विज्ञान, समुद्र विज्ञान, जैव भूगोल एवं पर्यावरण भूगोल को सम्मिलित किया जाता है।

·         In prelims Examination, generally the fact related with the above phenomena like Important mountains, types mode of formation etc. are asked but from mains point of view, the analysis of the theories and models are asked so more focus should be given on that area.

·         चूँकि सामान्य अध्ययन के पाठ्यक्रम में भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताओं का अध्ययन शामिल है, इसलिये सामान्य अध्ययन के दृष्टिकोण से वैकल्पिक विषय के सैद्धांतिक पक्षों का आलोचनात्मक एवं गहन विश्लेषण करने की आवश्यकता नहीं है।

·         Withot having a understanding of Bio-Giography and Environment Geography, the analysis of the Ecology and Environment section of General studies is hard nut to crack.

·         जैव भूगोल एवं पर्यावरण भूगोल की समझ के बिना सामान्य अध्ययन के पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तथा मुख्य परीक्षा के तृतीय प्रश्न—पत्र के पर्यावरणीय मुद्दों एवं आर्थिक विकास के टॉपिक्स का विश्लेषण संभव नहीं है।

 

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Climatology- Origin of Atmosphere, Composition of the Atmosphere, Origin of Atmosphere, Composition of the Atmosphere, Atmospheric pressure, Pressure belts, Planetary & Local winds, Atmospheric circulation, Tricellular Meridional circulation, Jet Stream, Cloud, Humidity; Precipitation: Types & Distribution, Theories, Atmospheric stability & instability, Weather & climate; Airmass: Classification, Origin, Character, related weather., Fronts & related Weather, Cyclones: Temperate Origin, Charact, Movement & related weather , Cyclones: Tropical, Origin, Charact, Movement & related weather , Climatic classification: Genetic vs Empirical vs Mathematical. Koppen’s Classification: Critical appraisal, Thornthwaite Classification, Trewartha classification, critical appraisal, Comparison: Koppen & Trewartha, Urban Climate, Global Climatic Change, Global Warming; its impact, Role of man in climate change Applied climat.environment, Geosynclines: Concept, Classification, Theories, PT & Geosynclines; Landscape development: Cyclic & Cyclics views. Geomorphic cycle: Davis & Penck, Slope development (L.C. King, Strahler & J.T. Hack.), Denudational Chronology: (Hutton, lyoll, J. T. Hack, Strahler), Erosional Surface, Channel Morphology. Applied geomorphology & Environment,

2.

जलवायु विज्ञान— वायमुण्डल की उत्पत्ति, वायुमण्डल का संगठन एवं संरचना, सूर्यतप, ताप एवं दाब कटिबंध, पृथ्वी का तापीय बजट, वायुमण्डलीय तथा दाब कटिबंध, वायुमण्डलीय परिसंचरण, वायुमण्डलीय त्रिकोषीय परिसंचरण तथा पवनें (स्थायी, क्षेत्रीय एवं स्थानीय), वायुमण्डलीय स्थिरता एवं अस्थिरता, सम्बन्धी मौसमी दशायें एवं वायुमण् डलीय आर्द्रताए वर्षण ः प्रकार वितरण, बादल के प्रकार एवं सिद्धांत, वायु राशियां ः उत्पत्ति वर्गीकरण अभिलक्षण तथा मौसमी दशायें, जेटस्ट्रीम, वाताग्र जनन् तथा इनसे संबंधित मौसमी परिघाटनाएं, चक्रवात ः ऊष्णकटिबंधीय, उत्पत्ति लक्षण प्रवाह एवं संबंधी मौसम, चक्रवात ः शीतोष्ण, उत्पत्ति लक्षण प्रवाह एवं संबंधी मौसम, जलवायु वर्गीकरण ः कोपेन, थार्न थ्वेट (समालोचनात्मक अध्ययन), जलवायु वर्गीकरणः ट्रीवार्था (समालोचनात्मक अध्ययन), वैश्विक जलवायु परिवर्तन एवं प्रभाव, जलवायु परिवर्तन में मानव की भूमिका, नगरीय जलवायु अनुप्रयुक्त जलवायु विज्ञान एवं जलीय चक्र

3.

Oceanography– Definition of Ocean. And scope of Oceanography, Bottom Topography of the Atlantic, Indian and pacific Oceans; Temperature and salinity of the Oceans, Heat and Salt Budgets, Ocean Currents of Atlantic Ocean; Ocean Currents of Indian & Pacific Ocean, Environmental degradation; management and conservation, Oceanic Waves and Tides, Coral Reefs and coral Bleaching, Ocean Deposits, Marine Resources; Biotic, Mineral and Energy Resources, Sea level change, marine pollution.

3.

आधारभूत समुद्र विज्ञान— भूगार्मिक समय सारणी, महासागर क्षेत्रीयकरण एवं समुद्री नियम, अटलांटिक, हिंद एवं प्रशांत महासागर की तलीय स्थलाकृति, महासागरों का तापमान एवं लवणता; ताप एवं लवणता बजट, महासागरीय ध ारायें, महासागरीय तरंग, सुनामी, ज्वार भाटा, प्रवाल भित्तियाँ एवं प्रवाल विरंजन, समुद्री निक्षेप, सागर तल परिवर्तन, समुद्री प्रदूषण, समुद्री संसाधन ः जीवीय, खनिज एवं ऊर्जा।

4.

Bio-Geography– Soil: Def, Charact, Soil Profile, Soil genesis, Soil Distribution, Soil Erosion, Degradation and Conservation, Factor controlling the distribution of plants and animals, Problems of deforestation and conservation measures. Social forestry, a group forestry, wild life, major gene pool centres.

4.

जैव भूगोल मृदा - उत्पत्ति, परिच्छेदिका, वर्गीकरण एवं

वितरण, मृदा अपरदन, न्यूनीकरण एवं संरक्षण, पादप एवं जन्तु

के वैश्विक वितरण को प्रभावित करने वाले कारक, वन्य

जीवन, प्रमुख जीन पूल, वन आरोपण की समस्याएं एवं संरक्षण

के उपाय, कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी

5.

Env. Geog. + Contemporary Issues– Principle ecology; Human ecological adaptations, Influence of man on ecology and environment, Global and regional ecological changes and imbalances, Ecosystem their management and conservation, Environmental degradation, management and conservation, Biodiversity and sustainable development, Environmental policy, Environment hazards and remedial measures; Environmental education and legislation.

5.

पर्यावरण भूगोल + समकालीन मुद्देपारिस्थितिक सिद्धांत - मानव पारिस्थितिक अनुकूलन ः पारिस्थितिक एवं पर्यावरण पर मानव का प्रभाव, वैश्विक एवं क्षेत्रीय पारिस्थितिक परिवर्तन एवं असंतुलन ः प्रबंधन एवं संरक्षण, पर्यावरण निम्नीकरण ः प्रबंधन एवं संरक्षण, जैव विविधता एवं संपोषणीय विकास, पर्यावरण शिक्षा एवं विधान।

 

 

Human Geography (मानव भूगोल)

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Perspective in Human Geog. Areal differentiation; regional synthesis; dichotomy and dualism; Environmentalism; Quantitative revolution and locational analysis, radical, bevavioural, human and welfare approaches, System Analysis.

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मानव भूगोल में संदर्स— क्षेत्रीय विभेदन; प्रादेशिक

संश्लेषण; द्विभाजन एवं द्वैतवाद; पर्यावरणवाद; मात्रात्मक क्रांति

एवं अवस्थिति विश्लेषण; उग्रसुधार, व्यावहारिक मानवीय एवं

कल्याणपरक उपागम

Perpectives in Human Geography (मानव भूगोल में संदर्भ)

·         In rea sense, Perspective in Human Geography in the Preamble of the human geography because the basic themes of human geography rest on it. The observation and ideas of the geographers revel the true nature of the section.

·         सही मायने में वैकल्पिक विषय के रूप में भूगोल का अध्ययन ट्टमानव भूगोल में संदर्भ’ टॉपिक से प्रारंभ करना चाहिये, क्योंकि इसके अंतर्गत भूगोलवेत्ताओं के द्वारा दिये गए विचारों की सहायता से विषय की सही प्रकृति का ज्ञान होगा, जो भौगोलिक दृष्टिकोण से पाठ्यक्रम के विश्लेषण के लिये आवश्यक भी है।

·         Models, Theories, Law given of the Geographers are not only important for mains point of view but it is also important to understand the Indian Society, Economy and Social development.

·         The Phrase “Think Globally, Act Locally” suits this section.

·         वैकल्पिक विषय के इस खण्ड में मानव भूगोल में संदर्भ, मॉडल सिद्धांत एवं नियम तथा प्रादेशिक आयोजन का संबंध सामान्य अध्ययन से नहीं है, जबकि अन्य टॉपिक्स सामान्य अध्ययन के लिए न केवल भूगोल बल्कि भारतीय समाज और आर्थिक एवं सामाजिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं।

 

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Economic Geog.– World economic development; measurement and problems, the limits to growth, World resources and their distribution, Energy crisis, World agriculture: agricultural problems; Land, surface and ground water, energy, minerals, biotic and marine resources, Forest and wild life resource and their conservation: Energy crisis, World industries: locational pattern and problems; patterns of world trade, Earthquake, Landslide, Avalanche, Weber industrial location theory, New Industrial policies, Multinationals and liberalization, Special Economic Zones, Tourism including eco-tourism, Evolution of industries, Locational factors of cotton, jute, textile, iron, and steel, aluminum, fertilizer, paper, chemical and pharmaceutical, automobile, Cottage and agro-based industries, Industrial houses and complexes including public sector undertaking, Industrial regionalization

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आधारभूत आर्थिक भूगोल— विश्व आर्थिक विकास माप एवं समस्याएं, ऊर्जा संकट, खाघ एवं पोषण समस्यायें,खाघ सुरक्षा, दुर्भिक्षःकारण, प्रभाव एवं उपचार, वृद्धि की सीमाएं, विश्व संसाधन एवं वितरण, भूमि, सतह एवं भौमजल,ऊर्जा, खनिज, जीवीय एवं समुद्री संसाधन, वन एवं वन्य जीवनसंसाधन एवं उनका संरक्षण, विश्व उघोग अवस्थिति प्रतिरूपएवं समस्याएं; विश्व व्यापार के प्रतिमान, वेबर का उघोगिकअवस्थितिक सिद्धांतए उघोगों का विकास ः कपास, जूट,

वस्त्र उघोग, हस्तशिल्प एवं लौह इस्पात, एलुमिनियम भारत के उघोगिक प्रदेश, औघोगिकी घरानें, बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ नयी उघोगिक नीति, उदारीकरण, (ैमर््) सेज, पर्यटन एवं

पारिस्थितिक पर्यटन

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Population Geography- Population theories, Economic vs Biological Malthus, Marx, Spencer, Saddler etc, Demographic transition theory, Comparison Marx vs Malthus, Growth and Distribution of pop. World and India, Migration: causes, consequences, theories current trends: int. and national. Pop. Explosion and policies, Race, language, ethnicity,Tribes, Religion and Secularization, Concept of over, under and optimum pop. Demographic Attributes: Sex Ratio, Literacy rate, age str…. Etc.

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जनसंख्या भूगोल— जनसंख्या के सिद्धांत, माल्थस का, मार्क्स का एवं स्पेंसर, मार्क्स एवं माल्थस से तुलना, जनसांख्यिकीय संक्रमण मॉडल, प्रवास के कारण एवं परिण्

ााम; अतिरेक—अल्प एवं अनुकूलतम जनसंख्या की संकल्पनाएं, जनसांख्यिकी गुण, विश्व जनसंख्या की वृद्धि और वितरण,

विश्व जनसंख्या समस्याएं और नीतियां; सामाजिक कल्याण एवं जीवन गुणवत्ता, सामाजिक पूंजी के रूप में जनसंख्या, भारत

में जनसंख्या विस्फोट, जनसंख्या एवं पर्यावरण, धर्म एवं धर्म निरपेक्षीकरण विश्व एवं भारत के सांस्कृतिक प्रदेश, भाषायें एवं मानव विकास सूचकांक

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RDP- Concept of Region and type, quantification and quantitative method of Regionalization, Rostove Model. Growth Centre and growth pole: Perroux and Boudville (Model and theory) Regional imbalances, Strategies for regional development, Planning for sustainable development. Experiences of planning and 5 yrs. Plan. Panchayati Raj. Decentralized planning, multilevel planning. IRDP, Planning for backward Region: Desert. Hill. Tribal, CAD vs. Watershed,

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प्रादेशिक विकास एवं आयोजन— प्रदेश की संकल्पना; प्रदेशों के प्रकार एवं प्रादेशीकरण की विधियां; प्रादेशिक असंतुलन, वृद्धि केन्द्र एवं वृद्धि धु्रव, प्रादेशिक विकास कार्यनीतियां; प्रादेशिक आयोजना में पर्यावरणीय मुद्दे; संपोषण् ाीय विकास के लिए आयोजना, समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम; कमान क्षेत्र विकास; जल विभाजक प्रबंध; मरूस्थल,

अनावृष्टि प्रवण, भारत में प्रादेशिक, आयोजना, पंचवर्षीय योजनाऐं, पंचायती राज, विकेन्द्रीकृत आयोजना, बहुस्तरीय योजना, पहाड़ी, पिछड़ा क्षेत्र, जनजातीय क्षेत्र विकास के लिए आयोजना; द्वीप क्षेत्रों को विकास।

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Model, Theories and Laws in Human Geography- System analysis in Human Geography; Malthusian, Marxian and demographic transition Models: Central Place theories of Chris taller and Losch; Perroux and Boudeville; Wber's model of industrial location; Rostov's model of stages of growth. Heartland and Rimland theories; Laws of international boundaries and frontiers.

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मानव भूगोल में मॉडल, सिद्धांत एवं नियम— मानव भूगोल में तंत्र विश्लेषण; माल्थस का, मार्क्स का और जनसांख्यिकीय संक्रमण मॉडल; क्रिस्टावर एवं लॉश का केंद्रीय स्थान सिद्धांत; पेरू एवं बूदविए; वॉन थूनेन का कृषि

अवस्थिति मॉडल; वेबर का औघोगिक अवस्थिति मॉडल; ओस्तोव का वृद्धि अवस्था मॉडल; अंतः भूमि एवं बहिःभूमि सिद्धांत; अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं एवं सीमांत क्षेत्र के नियम।

 

 

Paper II : Geography of India (प्रश्नपत्रII भारत का भूगोल)

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India (Physical) – Geological History, Str vs. Relief. Triple tectonic. Div. Str. And Relief of Himalayas and Indo-Gang. Plains, Physiogeograpic region of Extra- Peninsular India, Str. And Relief of Peninsular India, Denudational Chronology of Peninsular, India, Island Region, Monsoon as a World Phenomenon, sub continental Phenomenon, Elnino, Lanino, Enso, S-0 and walker cell, relation with Indian monsoon, R-F distribution, Tropical cyclone disturbance & westerlies, Climatic Region of India, Drainage pattern, Soil of India, Regional distribution, char. And linkage with climate and vegetation, Vegetation and Forest resources of India

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भारत (भौतिक विन्यास)— पड़ोसी देशों के साथ भारत का अंतरिक्ष संबंध, भूगार्भिक इतिहास, संरचना बनाम उच्चावच, भू—आकृतिक संरचना एवं उच्चावच — 1 हिमालय—उत्त्पति, उच्चावच, संरचना, जलवायु पर प्रभाव, भू—आकृतिक संरचना एवं उच्चावच — 2 मैदान, प्रायद्वीपीय प्रदेश, द्वीप समूह, अपवाह तंत्र एवं जल विभाजक, भारतीय मानसून वर्षा प्रतिरूप एवं वितरण, उष्ण कटिबंधीय चक्रवात एवं पश्चिमी विक्षोभ की क्रियाविधि, एलनिनो, ला निना, वाकर सेल, भारतीय मानसून के संदर्भ में, कोपेन, थार्नथ्वेट का वर्गीकरण, भारतीय मृदा; क्षेत्रीय वितरण एवं प्रकार, जलवायु तथा वनस्पति से संबंध, प्राकृतिक वनस्पति एवं वन संसाधन, भूस्खलन एवं भूकंप, बाढ़ एवं सूखा

Geography of India (भारत का भूगोल)

·         Q From General study point of view, Geography of India is an important section. It hold the same important once in prelims as well as mains examination.

·         सामान्य अध्ययन के दृष्टिकोण से भारत का भूगोल अत्यंत ही महत्वपूर्ण खण्ड है जिसका संबंध प्रारम्भिक परीक्षा की अपेक्षा मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम से अधिक है।

·         By having command our Geography of India, Disaster Related problems and Environmental issues could be understood

·         भारतः भौतिक विन्यास— भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताओं का अध्ययन भारत के परिप्रेक्ष्य में करना है। इस टॉपिक की सहायता से ही आपदा प्रबंधन एवं भारत की पर्यावरणीय मुद्दों पर समझ को विकसित किया जा सकता है।

 

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Resources: Land, surface and ground water, energy, minerals, biotic and marine resources; Forest and wild life resources and their conservation; Energy crisis.

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संसाधन— भूमि सतह एवं भौमजल, ऊर्जा, खनिज, जीवीयएवं समुद्री संसाधन; वन एवं वन्य जीवन एवं उनका संरक्षण; ऊर्जा संकट।

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Agri. Geog.- Cropping pattern of India, Crop combination, Agricultural Productivity and Efficiency, Crop Intensity, Dry land farming, Aqua culture and Blue revolution, Agro-Ecological Regions, Seri culture, Irrigation, Von Thunen’s model of agricultural location , Land Capability, Role of institutional factor in agriculture.

3.

कृषि भूगोल (मॉडल एवं सिद्धांत)— 1—II — वॉन

थूनेन का कृषि अवस्थान मॉडल, विश्व कृषि एवं कृषि समस्याएं, शस्यनप्रतिरूप, कृषि उत्पादकता, कृषि प्रकर्ष, फसल संयोजन भूमि क्षमता, भूमि उपयोग के प्रतिरूप में बदलाव, कृषि प्रादेशीकरण; कृषि जलवायवीय क्षेत्र; कृषि पारिस्थितिक प्रदेश, कृषि एवं सामाजिक वानिकी; हरित क्रांति एवं इसकी सामाजिक, आर्थिक एवं पारिस्थितिक परिणाम, वर्षाधीन खेती का महत्व; पशुनधन संसाधन एवं श्वेत क्रांति, जल कृषि, रेशम कीटपालन, मधुमख्खीपालन एवं कुक्कुट पालन, संस्थागत कारकः जोत, भू—धारण तथा भू—सुधार, कृषि ः अवसंरचना ः सिंचाई, बीज, उर्वरक, विघुत

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Industry- Evolution of industries; Locational factors of cotton, jute, textile, iron and steel, aluminnium, fertilizer, paper, chemical and pharmaceutical, automobile, cottage and agro-based industries; industrial house and complexes including public sector undertaking; Industrial regionalisation; New industrial policies; Multinationals and liberalization; Special Economic zones; Tourism including eco-tourism.

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उघोग उघोगों का विकास, कपास, जूट, वस्त्रोघोग,

लौह एवं इस्पात, एल्युमिनियम, उर्वरक, कागज, रसायन एवं फार्मास्युटिकल्स ऑटोमोबाइल, कुटीर एवं कृषि आध ारित उघोगों के अवस्थिति कारक; सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों सहित औघोगिक संकुल; औघोगिक प्रादेशीकरण; नई औघोगिक नीति; बहुराष्ट्रीय कंपनियां एवं उदारीकरण; विशेष

आर्थिक क्षेत्र; पारिस्थितिक—पर्यटन समेत पर्यटन।

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Transport, Communication and Trade- Growing importance of ports on national and foreign trade; Trade balance; Trade Policy; Export processing zones; Developments in communication and information technology and their impacts on economy and society; Indianspace programme.

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परिवहन संचार एवं व्यापार— सड़क रेलमार्ग, जलमार्ग, हवाईमार्ग एवं पाईपलाईन, नेटवर्क एवं प्रादेशिक विकास में उनकी पूरक भूमिकाए राष्ट्रीय एवं विदेशी व्यापार में पत्तनों का बढ़ता महत्व, व्यापार संतुलन, व्यापार नीति, निर्यात प्रक्रमण

क्षेत्र, संचार एवं सूचना प्रौघोगिकी में आया विकास और अर्थव्यवस्था तथा समाज पर उनका प्रभाव, भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम

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Cultural Setting- Historical Perspective of Indian Society; Racial, linguistic and ethic diversities; religious minorities; major tribes, tribal areas and their problems; culural regions; Growth, distribution and density of population; Demographic attributes; sex-ratio, age structure, literacy rate, work-force, dependency ratio, longevity; migration (inter-regional, intra-regional and international) and associated problems; Population problems and policies; Health indicators

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सांस्कृतिक विन्यास भारतीय समाज का ऐतिहासिक संदर्भ, भाषायी, प्रजातीय तथा नृजातीय वर्गीकरण, साक्षरता दर तथा स्वास्थ्य सूचकांक, जनजातीय क्षेत्र तथा उनकी समस्याऐं

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Settlement (I + II)– Meaning of Rural Vs Urban Settlement Types and Pattern of Rural Settlement, Envy. Issue in rural Settlement, Functional Classification of Towns: India and World, Meaning of Urban Hierarchy, Concept of Primate City. Rank size rule, (compare and contrast) Sphere of urban influence, Satellite town, Town planning, Slum and associated problems, problems of urbanization and sustainable growth of cities, Urban sprawl, Rural urban fringe, Urban eorganiza, Conurbation & Metropolitan, Central Place Theory: Losch model

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बस्ती भूगोल (I + II)— नगरीय बस्तियों का पदानुक्रम, नगरों का कार्यात्मक वर्गीकरण (विश्व एवं भारतीय परिप्रेक्ष्य में), प्रमुख शहर एवं श्रेणी आकार प्रणाली की संकल्पना, नगर प्रभाव क्षेत्र, सन्नगर एवं नगर प्रसार, ग्राम नगर उपांत,

अनुषंगी नगर, नगरीयकरण की समस्याएं एवं समाधान, नगरों का संपोषणीय विकासए मानव भूगोल में प्रणाली विश्लेषण क्रिस्टालर एवं लॉशका केन्द्रीय स्थानक सिद्धांत; पेरू एवं बूदेविए, ग्रामीण बस्तियों के प्रकार एवं प्रतिरूप, ग्रामीण बस्तियों में पर्यावरणीय मुद्द

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RDP- Concept of Region and type, quantification and quantitative method of Regionalization, Rostove Model. Growth Centre and growth pole: Perroux and Boudville (Model and theory) Regional imbalances, Strategies for regional development, Planning for sustainable development. Experiences of planning and 5 yrs. Plan. Panchayati Raj. Decentralized planning, multilevel planning. IRDP, Planning for backward Region: Desert. Hill. Tribal, CAD vs. Watershed

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प्रादेशिक विकास एवं आयोजन प्रदेश की संकल्पना; प्रदेशों के प्रकार एवं प्रादेशीकरण की विधियां; प्रादेशिक असंतुलन, वृद्धि केन्द्र एवं वृद्धि धु्रव, प्रादेशिक विकास कार्यनीतियां; प्रादेशिक आयोजना में पर्यावरणीय मुद्दे; संपोषण् ाीय विकास के लिए आयोजना, समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम; कमान क्षेत्र विकास; जल विभाजक प्रबंध; मरूस्थल, अनावृष्टि प्रवण, भारत में प्रादेशिक, आयोजना, पंचवर्षीय योजनाऐं, पंचायती राज, विकेन्द्रीकृत आयोजना, बहुस्तरीय

योजनाए पहाड़ी, पिछड़ा क्षेत्र, जनजातीय क्षेत्र विकास के लिए आयोजना; द्वीप क्षेत्रों को विकास

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Political Aspects- Geographical basis of Indian federalism; State reorganisation; Emergence of new states; Regional consciousness and inter state issues; international boundary of India and related issues; Cross border terrorism; India's role in world affairs; Geopolitics of South Asia and Indian Ocean realm.

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राजनैतिक परिप्रेक्ष्य भारतीय संघवाद का भौगोलिक आधार; राज्य पुनर्गठन; नए राज्यों का आविर्भाव; प्रादेशिक चेतना एवं अंतर्राज्यीय मुद्दे; भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा और संबंधित मुद्दे; सीमापार आतंकवाद; वैश्विक मामलों में भारत की भूमिका; दक्षिण एशिया एवं हिंद महासागर परिमंडल की भू—राजनीति।

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Contemporary Issues- Ecological issues; Environment hazards: Landslides, earthquakes, Tsunamis, floods and droughts, epidemics; Issues relating to environmental pollution; Changes in patterns of land use; Population explosion and food security; Environmental degradation; Deforestation, desertification and soil erosion; Problems of agrarian and industrial unrest; Regional disparties in economic development; Linkage of rivers; Globalization and Indian economy

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समकालीन मुद्दे पारिस्थितिक मुद्देः पर्यावरणीय संकटः भू—स्खलन, भूकंप, सुनामी, बाढ़ एवं अनावृष्टि, महामारी; पर्यावरणीय प्रदूषण से संबंधित मुद्दे; भूमि उपयोग के प्रतिरूप में बदलाव; पर्यावरणीय प्रभाव आकलन एवं प्रबंधन के सिद्धांत; जनसंख्या विस्फोट एवं खाघ सुरक्षा; पर्यावरणीय निम्नीकरण, वनोन्मूलन, मरुस्थलीकरण एवं मृदा

अपरदन; कृषि एवं औघोगिक अशांति की समस्याएं; आर्थिक विकास में प्रादेशिक असमानताएं; संपोषणीय वृद्धि एवं विकास की संकल्पना; पर्यावरणीय संचेतना; नदियों का सहवद्धन भूमंडलीयकरण एवं भारतीय अर्थव्यवस्था।